लेडी जेम्स बॉन्ड जिसने अब तक 80 हजार केस सॉल्व किए, कभी नौकरानी तो कभी गर्भवती बनकर की जासूसी

आमतौर पर हम देखते हैं कि आज के समय में हर कोई चाहता है कि वह पर लिखकर अच्छी नौकरी हासिल कर ले लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो नौकरी परेशान ना होने के बावजूद भी अपने टैलेंट के दम पर दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना लेते हैं। ऐसी ही अपनी अलग पहचान बनाने वाली लेडी जासूस के बारे में हम आपको इस लेख में बताएंगे जिनका नाम है रजनी पंडित। रजनी पंडित का जन्म महाराष्ट्र के पालघर में साल 1962 को हुआ था। रजनी पंडित के अंदर कॉलेज के दिनों से ही जासूसी करने के गुण विकसित हो चुके थे।

लेडी जेम्स बॉन्ड जिसने अब तक 80 हजार केस सॉल्व किए, कभी नौकरानी तो कभी गर्भवती बनकर की जासूसी
लेडी जेम्स बॉन्ड जिसने अब तक 80 हजार केस सॉल्व किए, कभी नौकरानी तो कभी गर्भवती बनकर की जासूसी

कॉलेज के दिनों से करने लगी थी जासूसी

रजनी पंडित एक प्राइवेट खुफिया जासूस है और उन्होंने अभी तक लगभग 80000 केस सुलझाने का काम किया है। उन्होंने किताबें भी लिखी है और डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है। बता दें कि ग्रेजुएशन के समय रजनी पंडित अपनी पढ़ाई करते-करते काम भी किया करती थी ताकि वे थोड़े बहुत पैसे कमा कर अपने परिवार की आर्थिक परिस्थिति में मदद कर सके। रजनी पंडित के पिता सीआईडी में काम किया करते थे बावजूद इसके रजनी अपने दम पर पैसे कमा कर पढ़ाई करती थी। पिता सीआईडी में होने के कारण रजनी को जासूसी जैसे क्षेत्र में काफी रुचि उत्पन्न हुई और उन्होंने अपने पिता से जासूसी के कई गुण भी सीखें।

रजनी की जिंदगी का पहला केस

केवल 22 साल की उम्र में ही रजनी पंडित को अपना पहला केस हल करने का अवसर मिला। रजनी पंडित जी ऑफिस में नौकरी करती थी उस ऑफिस की एक महिला के घर में चोरी हो गई थी। उस महिला ने चोरी का आरोप उसकी बहू पर लगाया था। महिला ने इस केस को सुलझाने का जिम्मा रजनी पंडित को दिया था। रजनी ने भी बड़े आत्मविश्वास के साथ इस केस के तह तक जाकर पूरी तफ्तीश की और असली चोर को ढूंढ निकाला। रजनी पंडित ने इस केस से जुड़े हर किसी से पूछताछ की जिनमें उस महिला का बेटा भी शामिल था। उस महिला के बेटे से पूछताछ करने पर रजनी पंडित ने उसका झूठ पकड़ लिया और साबित कर दिया कि चोरी उस महिला की बहू ने नहीं बल्कि उसके बेटे ने की थी।

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इस प्रकार बनी महिला डिटेक्टिव

इसके बाद रजनी पंडित को एक के बाद एक नए नए केस मिलते गए और भी उन सभी मामलों को हल करती गई। शुरुआत में रजनी के परिवार को नहीं पता था कि रजनी जासूसी का काम करती है। लेकिन जब रजनी के पिता को यह बात पता चली कि उनकी बेटी जासूसी का काम कर रही है तो उनके पिता ने रजनी का विरोध नहीं किया बल्कि उन्हें इस काम के लिए और ज्यादा प्रोत्साहन दिया। धीरे-धीरे रजनी को लोग जानने लगे और मीडिया ने रजनी को महिला डिटेक्टिव का दर्जा दे दिया।

रजनी की जिंदगी का सबसे मुश्किल केस

रजनी पंडित का सबसे मुश्किल केस वह था जब उन्हें 6 महीने तक एक महिला के घर में नौकरानी बन कर काम करना पड़ा था। दरअसल हुआ यूं था कि उस महिला के पति और बेटे की हत्या हो गई थी जिसके बाद खूनी को पकड़ना पुलिस के लिए भी मुश्किल साबित हो रहा था। इस केस को सुलझाने का जिम्मा रजनी ने खुद उठाया और उस महिला के घर में नौकरानी का वेश धारण कर चली गई। रजनी ने उस महिला की काफी सेवा की जिसके बाद उस महिला को रजनी पर काफी विश्वास हो गया था। लेकिन रजनी में अपने पास एक टेप रिकॉर्डर रखा था जिससे वह जरूरी बातें रिकॉर्ड कर सके।

लेकिन एक बार गलती से रजनी के हाथ से टेप रिकॉर्डर का बटन दब गया घर मालकिन को पता चल गया कि रजनी के पास टेप रिकॉर्डर है। इसलिए उस महिला को रजनी पर शक हुआ और उसने रजनी के बाहर जाने पर रोक लगा दी। रजनी के लिए अब बहुत ज्यादा मुश्किल हो चुकी थी क्योंकि वह बाहर जाकर अंदर की खबर किसी को नहीं दे पा रही थी।

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इसी बीच उस महिला से मिलने एक दिन एक लड़का आया और रजनी ने महिला और उस लड़के की सारी बातें सुन ली। रजनी को पूरा यकीन हो गया कि खूनी वही लड़का है। लेकिन रजनी को बाहर जाने से मना किया हुआ था इसलिए रजनी ने अपनी एक युक्ति लड़ाई। रजनी ने चाकू से अपने पैर पर मार लिया और अस्पताल में उपचार के बहाने वहां से तुरंत बाहर निकल आई। रजनी बाहर निकल कर भागते हुए एसटीडी बूथ पर आई और तुरंत पुलिस को फोन कर वह बुला लिया और आरोपी को पकड़ा दिया। बाद में पता चला कि वह आरोपी लड़का उस महिला का बॉयफ्रेंड था और महिला के कहने पर ही उसने महिला के पति और बेटे की हत्या की थी।

इसी प्रकार रजनी कहीं पर नौकरानी तो कहीं पर गर्भवती महिला बनकर कई सालों तक जासूसी करती रही। बताया जाता है कि उन्होंने अभी तक लगभग 80000 केस सुलझा लिए हैं। रजनी पंडित के पास इतने काम आने लगे कि उन्होंने साल 1991 में अपनी एक प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी खोल ली। रजनी के पास लोग इतने सारे केस लेकर आने लगे कि रजनी को खुद के लिए कभी समय ही नहीं मिल पाता था। इसलिए रजनी पंडित आजीवन अविवाहित ही रही और उन्होंने कभी शादी नहीं की।

रजनी की जिंदगी पर बनी थी फिल्म

बता दे कि रजनी पंडित ने दो किताबें भी लिखी है जिनमें से एक का नाम है बिहाइंड द फेसिस और दूसरी किताब का नाम है मायाजाल। इन किताबों को पढ़कर रजनी के जासूसी से संबंधित कई सारी बातें समझी जा सकती है। रजनी पंडित को दूरदर्शन के द्वारा हिरकणी अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। इतना ही नहीं रजनी पंडित के जीवन पर एक फिल्म भी बनी थी जिसका नाम था लेडी जेम्स बॉन्ड। यह फिल्म लोगों के द्वारा काफी पसंद की गई थी और इस फिल्म को देखने के बाद ही लोगों की नजर रजनी पंडित की ओर आकर्षित हुई थी।

About the Author: Rani Patil

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