पैदाइशी दायाँ हाथ न होने के बाद बाप ने छोड़ा था साथ, बेटा  मेहनत कर के  आज है मिस्टर दिल्ली

पैदाइशी दायाँ हाथ न होने के बाद बाप ने छोड़ा था साथ, बेटा  मेहनत कर के  आज है मिस्टर दिल्ली

विश्व जगत मे शायद ही ऐसा सुनने को मिलता है कि किसी माँ बाप ने अपने बच्चे को बेच दिया हो। जी हां आज हम आपको एक ऐसे ही वाक़ये को बताने जा रहे है। जो आपको हैरान कर देगा। क्योंकि ऐसी घटनाएं बहुत कम देखने या सुनने को मिलती है जिनमे हमे विश्वास नही होता। एक बाप ने कुछ ऐसा ही किया जब उसका बेटा बिना एक हाथ के पैदा हुआ था। इस पिता ने पैदा होते ही अपने इस बेटे को इसलिए बेच दिया। क्योंकि, वो बैकुसर दायाँ हाथ के बिना पैदा हो गया था।

पैदाइशी दायाँ हाथ न होने के बाद बाप ने छोड़ा था साथ, बेटा  मेहनत कर के  आज है मिस्टर दिल्ली
पैदाइशी दायाँ हाथ न होने के बाद बाप ने छोड़ा था साथ, बेटा  मेहनत कर के  आज है मिस्टर दिल्ली

मात्र 25000 रूपये में किया था सौदा

हम आपको जिन माँ- बाप के बारे में बता रहे हैं इन माता पिता ने वो घिनौना काम किया, जो एक माता-पिता का अपनी संतान प्रति रिश्ते को शर्मसार कर देना वाला है।इन माता पिता ने अपने बच्चे को पैदा होने के तुरंत बाद बेच दिया. अपने बच्चे को बेचने की छोटी सी वजह ये थी कि वह एक हाथ से अपाहिज था.

इस निर्दयी माँ बाप ने ये सौदा अपने बेटे के 2 दिन होने बाद ही भिखारियों के समूह के साथ किया। ताकि, आगे जाकर बेटा भी भिखारी बने और भिखारियों की तरह भींख माँगता फिरे।

भिखारियों जे छुड़ाकर बुआ ने किया पालन – पोषण

ये सब होने के बाद जब इस घटना का पता बेटे की बुआ को चला। तो, बुआ से रहा नही गया और इस बेटे को भिखारियों से छुड़ाने चली गई।
बेटे को छुड़ाने के बाद बुआ ने अपने पास ही बेटे को रखने का फैसला किया और अपने सगे बेटे की तरह उसका पालन पोषण किया।

पैदाइशी दायाँ हाथ न होने के बाद बाप ने छोड़ा था साथ, बेटा  मेहनत कर के  आज है मिस्टर दिल्ली
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दायाँ हाथ न होने के बावजूद भी जीता बॉडीबिल्डिंग कॉम्पिटिशन

जिस शख़्स के बारे में हम आपको बता रहे है वह दिल्ली का रहने वाला है। इस लड़के का नाम तेजेन्द्र मेहरा है। तेजेन्द्र मेहरा ने अपनी जिंदगी के शुरुआती दौर में दुखो का अंबार झेला है। बचपन मे ही अपने माँ बाप से बिछड़ने के बाद तेजेन्द्र को उसकी बुआ ने पाल पोषकर बडा किया। तेजेन्द्र की पढ़ाई का भार भी बुआ ने ही उठाया

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एक दौर तेजेन्द्र की बुआ जिंदगी में वो भी आया जब उन्हें बेहद गरीबी का सामना करना पड़ा था।उनके पास तेजेन्द्र की पढ़ाई के लिए पर्याप्त पैसे नही थे। कारणवश, तेजेन्द्र को पढ़ाई बीच मे ही रोकनी पड़ी। इसके बाद तेजेन्द्र ने काम करना शुरू किया।

बॉडीबिल्डिंग के शोंक ने दिलाई सफलता

तेजेन्द्र को बॉडीबिल्डिंग करने का हद से ज्यादा शोंक था इस शोंक के चलते जब तेजेन्द्र शाम को काम करने के बाद घर आते ही, रोज शाम को एक सरकारी जिम में जाता था. कुछ समय बाद तेजेन्द्र ने प्राइवेट जिम जॉइन कर लिया. प्राइवेट जिम जॉइन करने के बाद तेजेन्द्र ने मिस्टर दिल्ली का फॉर्म भरा। 2016 का वो दौर कब तेजेन्द्र ने मिस्टर दिल्ली का फॉर्म भरा । और ये कॉम्पटीशन जीत भी लिया तेजेन्द्र की इस सफलता ने सबको हैरान कर दिया। इसके बाद फिर से तेजेन्द्र ने साल 2018 में मिस्टर दिल्ली के लिए अप्लाई किया और एक बार फिर से सफलता हासिल की.

तेजेन्द्र की ज़िंदगी के साथ जद्दोजहद है जारी

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लोक*डाउन लगने के बाद से तजेन्द्र उस दौर से गुजर रहा है। जब उसके पास जिंदगी बसर करने के लिए पैसे नही है। ऐसे हालात से गुजरने के बाद तेजेन्द्र चिकन टिक्की का ठेला लगा रहा है। तेजेन्द्र ने इस स्टाल का नाम चिकन पॉइंट रखा है। उसका ये काम भी खूब अच्छा चल रहा है। इन सबके बावजूद तेजेन्द्र का कहना है। कि, वह जिंदगी के हर दौर से गुजरकर कामयाब होना चाहता है उसका मानना है मेरी ये जिद्द एक दिन मुझे उस मंजिल तक जरूर पहुंचाएगी।

About the Author: goanworld11

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